छत्तीसगढ़ में मराठा शासन
छत्तीसगढ़ में मराठा (छत्तीसगढ़ में छत्रपति शिवाजी महाराज) छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य जो ना केवल भौगोलिक रूप से, वन संपदा, खनिज, कृषि उत्पादन, सांस्कृतिक रूप से सम्पन्न है बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी परिपूर्ण है। भौगोलिक सीमा की दृष्टि से छत्तीसगढ़ चारों ओर पर्वतों से घिरा हुआ है और मध्य भाग उपजाऊ भूमि के रूप में लहलहाती नदियों से परिपूर्ण रहा है। इस राज्य की प्राकृतिक संरचना मानव सभ्यता हेतु सुरक्षा प्रदान करती है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों का जन्म हुआ। राज्य की भौगोलिक सुरक्षात्मक संरचना ने यहां की सभ्यता और संस्कृतियों की रक्षा की। प्रागैतिहासिक काल से ही यह राज्य मानव सभ्यता के विकास को प्रमाणित करता है। पौराणिक काल मे जहां त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम और द्वापरयुग में प्रभु श्रीकृष्ण के आगमन का आलेख है वही ऐतिहासिक पुरातात्त्विक साक्ष्य महात्मा गौतम बुद्ध के आगमन की भी पुष्टि करते है। छत्तीसगढ़ की भूमि ने मौर्य काल के शासकों से लेकर कलचुरियों तक को आकर्षित किया है। इसी का ...